नई दिल्ली । पांच साल की रिपोर्ट के विश्लेषण के आधार पर एक डायग्नोस्टिक सेंटर ने पाया है कि काक्रोच और धूल  एलर्जिक अस्थमा का सबसे बड़ा कारण हैं। परीक्षण किए गए रोगियों में से 60 प्रतिशत में विभिन्न प्रकार की धूल और गंदगी से भरे कॉकरोच के कारण एलर्जी और अस्थमा जैसी बीमारी थी। सीनियर पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. सी विजय कुमार ने कहा कि कॉकरोच जल निकासी की जगहों, सीवरेज और उन जगहों पर घूमते हैं, जहां गंदगी होती है। वे एलर्जी पैदा करने वाले कारकों को अपने साथ ले आते हैं। इससे उस व्यक्ति पर असर पड़ता है जो अस्थमा से पीड़ित होता है और यह एक ट्रिगर के रूप में कार्य कर सकता है। एलर्जी की रिएक्शन हल्के से गंभीर तक हो सकती है और अस्थमा से बचने का सबसे कारगर तरीका है कि ऐसी चीजों से बचा जाए। वरिष्ठ शोधकर्ता डॉ. बीआर दास ने कहा कि कई एलर्जी अस्थमा का कारण बन सकता है या अस्थमा की स्थिति को और खराब कर सकता है। एलर्जी टेस्टिंग बीमारी के ट्रिगर को समझने के लिए की जाती है और इसे पहचानना काफी महत्वपूर्ण है। धूल में छिपे हुए कीट-पतंगे और कॉकरोच एलर्जी से होने वाले अस्थमा के सबसे आम कारणों में से एक हैं। साक्ष्य अब बताते हैं कि 90 लोगों के बचपन में और 50 प्रतिशत वयस्क लोगो में अस्थमा होने का कारण धूल, घास, कीड़े, कॉकरोच और पालतू जानवर हैं।सन 2013 से 2017 की रिपोर्ट में 63,000 रोगियों की जांच की गई। एलर्जी के लिए रक्त में उनके आईजीई स्तर की जांच की गई थी। यह पाया गया कि धूल, कॉकरोच इसकी सबसे बड़ी वजह थे।