भोपाल । तीन हजार पाने के लालच में इंदौर के एक व्यक्ति ने 29 लाख रुपए गवां दिए। यह राशि उक्त शख्स ने बेटी की शादी के लिए घर बेचकर जुटाई थी। लुटे-पिटे बुजुर्ग् ने क्राइम ब्रांच पहुंचकर प्रकरण दर्ज कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, व्यक्ति के आठ महीने पूर्व एडवाइजरी कंपनी के कर्मचारी का फोन आया था। डीमेट खाता खुलवाकर एक हजार रुपये जमा करवाए और कहा बधाई हो, आपको तीन हजार का मुनाफा हुआ है। ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया और कमोडिटी के बहाने पांच लाख रुपये जमा करवा लिए। धीरे-धीरे जाल में फंसाया और 29 लाख रुपये ठग लिए। मकान बेच बेटी की शादी के लिए रखे रुपये भी चले गए। बिलासपुर निवासी 48 वर्षीय दिनेश सिंह पीड़ा सुनाते हुए फूट-फूटकर रोने लगे। एडवाइजरी कंपनियों पर हुई कार्रवाई की भनक लगने पर शनिवार दोपहर वे क्राइम ब्रांच पहुंचे थे। एएसपी राजेश दंडोतिया को उन्होंने एल्बो सिस्टम और आईआरए एडवाइजरी कंपनी के कागज दिखाए और कहा कि पिछले साल 20 जुलाई को विकास गुप्ता नामक व्यक्ति का कॉल आया था। उसने कहा डीमेट अकाउंट खुलवा लें। शेयर मार्केट में निवेश करने पर अच्छा मुनाफा करवा देगा। तीन दिन बाद देव गुर्जर का कॉल आया और कहा तीन हजार का मुनाफा करवा दिया। 
    आरोपितों ने बड़ी-बड़ी बातें कर कमोडिटी में निवेश के लिए तैयार कर लिया। 25 जुलाई को तीन लाख और 28 अगस्त को दो लाख रुपये जमा करवा दिए। आरोपितों ने गोल्ड ट्रेडिंग का झांसा दिया और कहा कुछ रुपये कम पड़ रहे हैं। 15 लाख रुपये जमा करवा दो, वरना 29 लाख का नुकसान हो जाएगा। आरोपितों ने 14 लाख रुपये जमा करवा लिए और 64 लाख का मुनाफा दर्शाया। इस तरह झांसेबाजी कर 29 लाख रुपये ठग लिए। दिनेश के मुताबिक उन्होंने बेटी की शादी के लिए मकान बेचा था। एक अन्य मामले में मेहसाणा निवासी मेहुल चौधरी ने मेक्स ग्रोथ के खिलाफ सवा लाख की धोखाधड़ी की शिकायत की। मेहुल के मुताबिक वह सीआईएसएफ में सिपाही है। आरोपितों ने फेसबुक पेज पर निवेश का प्रलोभन दिया और रुपये जमा करवा लिए। उसके सारे नंबर ब्लॉक कर दिए और बातचीत बंद कर दी। शनिवार को मेहुल इंदौर आया और कंपनी के कर्मचारी योगेश साहू को बातचीत के बहाने बुलाकर क्राइम ब्रांच के हवाले कर दिया। एएसपी के मुताबिक कंपनी का संचालक विशाल लाड़ है। वह फिलहाल राजस्थान में है। रजिस्ट्रेशन और और निवेशकों की जानकारी जुटाई जा रही है।